सरकारी कुर्सी का दुरुपयोग: जमीन मंजूरी के बदले रिश्वत का आरोप, पूर्व कलेक्टर गिरफ्तार




एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व कलेक्टर और IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जमीन से जुड़े एक बड़े घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कलेक्टर रहते हुए उन्होंने जमीन के उपयोग परिवर्तन (CLU) की मंजूरी देने के बदले रिश्वत ली और सरकारी पद का दुरुपयोग किया।
ED के अनुसार, इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में बदलने की अनुमति देने के लिए “स्पीड मनी” ली जाती थी। इस प्रक्रिया में न सिर्फ नियमों की अनदेखी की गई, बल्कि आम लोगों और सरकार दोनों को नुकसान पहुंचाया गया।
जांच के दौरान ED को कई अहम सबूत मिले, जिसके आधार पर राजेंद्र कुमार पटेल को हिरासत में लिया गया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को रिमांड की अनुमति दी है। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस मामले में केवल IAS अधिकारी ही नहीं, बल्कि उनके निजी सहायक, नायब तहसीलदार और कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पहले ही एक नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसके पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी।
फिलहाल यह मामला गुजरात की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना है।

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