सैमसंग तकनीक चोरी मामला
दक्षिण कोरिया में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा एक गंभीर तकनीकी चोरी का मामला सामने आया है,
जिसमें कंपनी के 10 पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय सेमीकंडक्टर तकनीक बाहर साझा करने के आरोप लगे हैं। यह मामला अत्याधुनिक DRAM मेमोरी चिप निर्माण से संबंधित है, खासकर 10-नैनोमीटर श्रेणी की उन्नत प्रक्रिया से, जिसे सैमसंग की प्रमुख प्रतिस्पर्धात्मक ताकत माना जाता है। आरोपियों में वरिष्ठ इंजीनियर और एक पूर्व उच्च पदाधिकारी शामिल बताए गए हैं, जिन्हें शोध और उत्पादन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तक सीधी पहुंच थी। जांच में सामने आया कि तकनीकी विवरणों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम की बजाय हाथ से लिखे नोट्स के रूप में कॉपी किया गया ताकि सुरक्षा प्रणालियों से बचा जा सके। यह जानकारी विदेशी मेमोरी चिप कंपनियों तक पहुंचाई गई, जिससे उन्हें तकनीकी लाभ मिला और उन्नत चिप विकास की गति तेज हुई। इसके परिणामस्वरूप सैमसंग को भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ, जिसका आकलन हजारों करोड़ रुपये के बराबर किया गया है। यह प्रकरण केवल एक कंपनी तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय तकनीकी सुरक्षा का विषय बन गया, क्योंकि ऐसी तकनीकों को देश की रणनीतिक संपत्ति माना जाता है। इसी कारण सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की गई, कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया और कुछ को जांच पूरी होने तक जमानत दी गई। सरकार ने सेमीकंडक्टर सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने और कंपनियों को आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला औद्योगिक जासूसी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसने वैश्विक चिप उद्योग में प्रतिस्पर्धा को और तीव्र कर दिया है तथा यह स्पष्ट किया है कि तकनीकी चोरी के परिणाम अत्यंत गंभीर हो सकते हैं।
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