बोर्ड एग्ज़ाम में अच्छे नंबर लाने का मंत्र: स्मार्ट राइटिंग की सही रणनीति

 

CBSE Board Exams 2026 को लेकर छात्रों में अभी से तैयारी का माहौल बन चुका है। बदलते पैटर्न और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सिर्फ ज्यादा पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि स्मार्ट राइटिंग अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। स्मार्ट राइटिंग का मतलब है—कम समय में, सही शब्दों में, परीक्षक को प्रभावित करने वाला उत्तर लिखना। यही रणनीति अक्सर टॉपर्स को औसत छात्रों से अलग बनाती है।

सबसे पहले छात्रों को यह समझना होगा कि CBSE बोर्ड अब केवल रटने की क्षमता नहीं, बल्कि उत्तर की प्रस्तुति, स्पष्टता और लॉजिक को ज्यादा महत्व देता है। इसलिए उत्तर लिखते समय साफ-सुथरी हैंडराइटिंग, सही पैराग्राफ ब्रेक और जरूरी शब्दों को अंडरलाइन करना बेहद फायदेमंद होता है। इससे परीक्षक को उत्तर समझने में आसानी होती है और अच्छे अंक मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

स्मार्ट राइटिंग का एक अहम हिस्सा है—प्रश्न को ठीक से समझना। कई छात्र जल्दबाजी में उत्तर लिखना शुरू कर देते हैं और प्रश्न के मुख्य बिंदु छोड़ देते हैं। टॉपर बनने के लिए जरूरी है कि पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें, फिर दिमाग में उसका छोटा-सा खाका बनाएं और उसी क्रम में उत्तर लिखें। इससे उत्तर संतुलित और प्रभावशाली बनता है।

CBSE बोर्ड परीक्षाओं में उदाहरण और कीवर्ड का सही इस्तेमाल भी स्मार्ट राइटिंग की पहचान है। जहां जरूरत हो वहां छोटे उदाहरण, डायग्राम या फ्लोचार्ट बनाकर उत्तर को मजबूत किया जा सकता है। इससे उत्तर न सिर्फ लंबा दिखता है, बल्कि विषय की गहरी समझ भी झलकती है।

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