बेगूसराय जिले में रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है

 
बेगूसराय जिले में रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ जिला कल्याण अधिकारी और कार्यालय के नाजिर को निगरानी विभाग ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब दोनों अधिकारी एक आम नागरिक से सरकारी कार्य के बदले 1800 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले की गोपनीय जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया।
निर्धारित योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी अधिकारियों ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, निगरानी टीम ने तत्काल छापा मारकर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय रिश्वत की रकम बरामद की गई, जिससे आरोपों की पुष्टि हो गई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जिला कल्याण विभाग समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों से जुड़ी योजनाओं का संचालन करता है। ऐसे विभाग में कार्यरत अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगना केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता है।
निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार के उस संकल्प को भी दर्शाती है, जिसके तहत भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इस कार्रवाई से ईमानदार अधिकारियों को संदेश मिला है, वहीं भ्रष्ट आचरण में लिप्त लोगों के लिए यह एक सख्त चेतावनी मानी जा रही है।

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